वो याद तो करता है, पर मुझसे कह नहीं पाता |
पहले तो कहता था कि, तुम बिन कुछ नहीं भाता |
अब क्या हम इतने बेगाने होकर रह गए,
कि मेरे पड़ोस तक आकर, वो मेरे घर नहीं आता |
पहले तो कहता था कि, तुम बिन कुछ नहीं भाता |
अब क्या हम इतने बेगाने होकर रह गए,
कि मेरे पड़ोस तक आकर, वो मेरे घर नहीं आता |
(2)
हम भी रूठ गए, तो तुझे सोहबत कौन देगा?
इस वीराने दिल में तेरे, दस्तक कौन देगा?
इतना मत तड़पा की टूट जाऊं मैं,
गर टूट गया दिल मेरा, तुझे मोहब्बत कौन देगा?

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